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बड़ी ख़बर : गढ़वाल विश्वविद्यालय में बौद्धिक संपदा का अधिकार पर कार्यशाला का आयोजन

कार्यशाला की समन्वयक एवं कला, संचार एवं भाषा विभाग की संकायाध्यक्ष प्रो मंजुला राणा ने सभी अतिथियों का स्वागत कर कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया । उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा के अधिकार के विषय में जानकारी रखना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों की आवश्यकता है। आज तकनीकी विकास के साथ कॉपीराइट, पेटेंट, टेªडमार्क उद्यमिता विकास के आवश्यक तत्व है। कार्यशाला के तकनीकी सत्र में बतौर वक्ता यूकॉस्ट के वैज्ञानिक डॉ हिमाशुं गोयल, एनआईटी उतराखंड के डॉ राकेश मिश्रा, गढ़वाल विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग के डॉ महेन्द्र बाबू, युवा उद्यमी अंकित भण्डारी द्वारा बौद्धिक सम्पदा अधिकार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो० महावीर सिंह नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन किया जाना छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। वहीं मुख्य नियन्ता प्रो बी.पी. नैथानी ने उत्तराखंड के विभिन्न उत्पादों को ज्यिोग्राफिक इंडीकेशन दिलाने की बात पर जोर दिया। कार्यशाला के समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन डॉ कपिल देव पंवार ने किया। इस अवसर पर जैव प्र्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो जी के जोशी, संकायाध्यक्ष वाणिज्य प्रो वी सी शर्मा, शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ हीरालाल यादव, डॉ रोहित कुमार, डॉ अमित कुमार आदि मौजूद रहे। इस कार्यशाला में बिड़ला परिसर, चौरास परिसर समेत एनआईटी उतराखंड, बीजीआर कैम्पस पौड़ी, स्वामी रामतीर्थ परिसर टिहरी के 200 से अधिक शोद्यार्थी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।



