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उत्तराखंड में बिजली खपत में आया उछाल, भीषण गर्मी ने बढ़ाई बिजली की डिमांड….प्रत्येक वर्ष हो रही बढ़ोतरी

उत्तराखंड में भीषण गर्मी के कारण आमजन खासा परेशान है, चिलचिलाती धूप पसीने निकाल रही है तो वहीं गर्मी के कारण बिजली की मांग 52 एमयू से अधिक हो गई है जिससे बिजली कटौती हो रही है। वहीं उत्तराखंड ऊर्जा निगम कोशिश में है कि बाजार से बिजली खरीदकर मांग को पूरा किया जाए, है लेकिन मांग और आपूर्ति में अंतर बना हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से बिजली बचाने की अपील की है क्योंकि आने वाले दिनों में मांग और बढ़ सकती है।

उत्तराखंड में बिजली खपत में आया उछाल

      उत्तराखंड में ग्रीष्मकाल का आगाज हो चुका है, पूरे राज्य में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर में चिलचिलाती धूप और लू लोगों के गले सूखाने में लगी है। इसी क्रम में अब बिजली कटोती का खेल भी शुरु हो चुका है, दरअसल, उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच उत्तराखंड में बिजली की खपत भी तेजी से चरम पर पंहुच चुकी है। उत्तराखंड में प्रतिदिन तकरीबन 50 मिलियन यूनिट से भी अधिक बिजली की मांग है, जबकि उपलब्धता के सापेक्ष पांच से आठ मिलियन यूनिट की कमी पड़ रही है। आलम यह है कि इस पूर्ति के लिए उत्तराखंड ऊर्जा निगम बाजार से बिजली खरीद के प्रयासों में जुटा है। यह पहली बार ही हुआ है कि ग्रीष्मकाल में बिजली की मांग 5 2 मिलियन यूनिट के आंकड़े को भी पार कर गई है, लिहाजा यही कारण है कि बिजली की उपलब्धता कम होने के कारण बार-बार पावर कट जैसी समस्या हो रही है। हालांकि, अभी ऊर्जा निगम की ओर से किसी भी प्रकार की रोस्टिंग से इन्कार किया गया है, लेकिन लोड बढ़ने से ट्रिपिंग व फाल्ट की समस्या बढ़ गई है।  

भीषण गर्मी ने बढ़ाई बिजली की डिमांड

    उत्तराखंड में चिलचिलाती गर्मी ने सभी का हाल बेहाल कर रखा है, वहीं अब लोगों को बिजली की कटौती और फॉल्ट जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। वहीं उत्तराखंड ऊर्जा निगम ने बताया कि उनकी ओर से शुक्रवार को प्रदेश में बिजली की अनुमानित मांग तकरीबन 53.10 एमयू है जबकि, इसके सापेक्ष राज्य व केंद्रीय पूल से कुल विद्युत उपलब्धता 45.12 एमयू है। तो इस प्रकार विद्युत उपलब्धता में कुल 7.98 एमयू की कमी है लिहाजा, उत्तराखंड ऊर्जा निगम द्वारा एनर्जी एक्सचेंज से बिजली खरीद की जाएगी। इसी प्रकार फिलहाल शार्ट टर्म खरीद से उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के जल विद्युत गृहों से उत्पादन तो बढ़ा है, लेकिन अब भी यह उत्पादन 15 एमयू के आसपास ही बना हुआ है। ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने उपभोक्ताओं, सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों के विभागाध्यक्षों से घरों एवं कार्यालयों में केवल आवश्यकता के अनुसार विद्युत उपभोग करने और ऊर्जा की बचत करने की अपील की है। आने वाले समय में प्रदेश में बिजली की मांग 55 मिलियन यूनिट या इससे अधिक पहुंचने पर संकट पैदा हो सकता है। पर्याप्त विद्युत उपलब्धता न होने पर ग्रामीण क्षेत्रों और औद्योगिक क्षेत्रों में कटौती की आशंका है।    

प्रत्येक वर्ष हो रही बढ़ोतरी

  उत्तराखंड ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशत अनिल कुमार ने बताया कि उत्तराखंड में गर्मी को मौसम के समय पर बिजली की मांग व खपत बढ़ जाती है। प्रत्येक वर्ष ही बिजली की मांग में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो रही है जबकि, विद्युत उत्पादन बिल्कुल सामान्य ही बना हुआ है। साल 2022 में गर्मी के समय पर उत्तराखंड में बिजली की मांग 50 एमयू के आंकड़े को भी पार कर गई थी, तो वहीं साल 2024 में ऑल टाइम रिकॉर्ड बनाते हुए बिजली की मांग 62 एमयू तक दर्ज की गई, जो कि दो वर्ष में ही बिजली की मांग में 24 प्रतिशत की वृद्धि है। इस बार भी आने वाले दिनों में मांग में काफी वृद्धि हो सकती है।              
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

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