दिल्ली
Politics: केजरीवाल और मोइत्रा पर साधा निशाना, बोले BJP सांसद

अरविंद केजरीवाल और दिल्ली शराब नीति मामला सीबीआई ने अप्रैल में शराब नीति मामले में केजरीवाल से पूछताछ की थी। इस बार ईडी ने दिल्ली के सीएम को शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। आम आदमी पार्टी ने कहा कि विपक्षी नेताओं को चुप कराने की भाजपा की लंबी योजना के तहत पूछताछ के बाद केजरीवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है। आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि केजरीवाल के बाद हेमंत सोरेन, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, पिनराई विजयन, एमके स्टालिन और फिर महाराष्ट्र के विपक्षी नेताओं की बारी होगी। वहीं, आप के सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यही भाजपा चाहती है कि हर कोई जेल में हो। पैसों के बदले सवाल मामला लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा आज संसद की आचार समिति के सामने पेश होंगी। महुआ की पेशी से पहले बुधवार को गृह, विदेश और आईटी मंत्रालय ने कमेटी को अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। इसमें आईटी मंत्रालय ने सांसद की आईडी दुबई में 49 बार लॉग-इन होने की पुष्टि की है। कमेटी ने गृह मंत्रालय से तृणमूल सांसद की पांच साल के दौरान विदेश दौरे और विदेश मंत्रालय ने इस दौरान उनकी गतिविधियों की जानकारी मांगी थी। दोनों मंत्रालयों ने इससे संबंधित रिपोर्ट दे दी है। अब इन सूचनाओं के आधार पर कमेटी तृणमूल सांसद से पूछताछ करेगी। कमेटी संभवत: इस रिपोर्ट के बाद अपनी सिफारिश लोकसभा स्पीकर को भेज देगी। जिरह करने की मांगी अनुमति महुआ ने लिखा, मैं रिकॉर्ड पर रखना चाहती हूं कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए मैं हीरानंदानी से जिरह करने के अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहती हूं। जिरह का अवसर दिए बिना पूछताछ अधूरी और अनुचित होगी। हीरानंदानी और देहाद्राई से पूछताछ की मांग महुआ ने समिति को लिखा पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें लिखा कि वैसे तो संसदीय समिति के पास आपराधिक क्षेत्राधिकार नहीं है और ऐसे मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूछताछ करनी चाहिए। लेकिन आपके समन का सम्मान करते हुए मैं 2 नवंबर को पेश हो रही हूं। आपके सामने मुझ पर लगे आरोपों का खंडन करूंगी। साथ ही मैं चाहती हूं कि मुझे रिश्वत देने का दावा करने वालो हीरानंदानी से सवाल जवाब करने की अनुमति दी जाए। हीरानंदानी ने स्वत: संज्ञान लेकर इस मामले में समिति के सामने हलफनामा दिया है, जिसमें कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। देहाद्राई ने भी अपनी शिकायत का समर्थन करने वाला कोई साक्ष्य पेश नहीं किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह जरूरी है कि इन दोनों व्यक्तियों को भी बुलाया जाए और पूछताछ की जाए, ताकि समिति के सामने पूरा सच आ सके।2नों 2 नंबरी 2 नवंबर को हाज़िर हों
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) November 1, 2023



