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Delhi AQI: दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर, धुंध की चादर में लिपटी राजधानी

Delhi AQI: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 316 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।

Delhi AQI: देश की राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता लगातार बेहद खराब स्तर पर बनी हुई है। सोमवार को भी दिल्ली धुंध की मोटी परत में लिपटी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 316 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के समीर ऐप के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी के 28 निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया है। वायु गुणवत्ता मानकों के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से करीब 1.9 डिग्री अधिक है। सुबह 8:30 बजे आर्द्रता 64 प्रतिशत रही, जबकि अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिनभर हल्का कोहरा रहने की संभावना जताई है। रविवार को भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही थी। उस दिन औसत एक्यूआई 366 तक पहुंच गया था, जो शनिवार के 303 की तुलना में काफी अधिक था। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली के तीन निगरानी केंद्रों ने 400 से अधिक का एक्यूआई दर्ज किया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। राजधानी से सटे इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हरियाणा के धारूहेड़ा में एक्यूआई 434 रहा, जो ‘गंभीर’ स्तर पर है। महाराष्ट्र के भिवंडी में एक्यूआई 376 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। सोमवार सुबह सात बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 319 रहा। आनंद विहार में यह 371, लोधी रोड पर 312, जबकि आईटीओ क्षेत्र में अपेक्षाकृत बेहतर 160 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। एनसीआर के अन्य शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रही – गुरुग्राम में एक्यूआई 283, गाजियाबाद के लोनी में 349 और नोएडा सेक्टर-62 में 309 दर्ज किया गया। प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए दिल्ली प्रशासन ने कई इलाकों में पानी के छिड़काव यंत्र तैनात किए हैं, ताकि हवा में धूल और सूक्ष्म कणों की मात्रा को कम किया जा सके। हालांकि, फिलहाल राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण का संकट बना हुआ है। Read more:- Delhi Air Pollution: दिल्ली में क्लाउड सीडिंग से प्रदूषण में कमी, पीएम10 में 41.9% तक गिरावट

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