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मोतियाबिंद की सर्जरी मरीजों के पड़ गई भारी
22 नवंबर को मरीजों ने करवाई थी सर्जरी

बिहार के मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के विफल होने के बाद मरीजों को अपने नेत्र खोने वाले पहले मरीजों कि संख्या 6 थी किंतु बुधवार को 9 नए मरीज शामिल होने से यह संख्या 15 हो गई है। इस मामले को जानने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
आयोग के अनुसार आई चिकित्सालय में असफल सर्जरी के बाद श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में पीड़ितो के नेत्र निकाले पड़े। साथ ही इन्फेक्शन के चलते सर्जरी करवाने वाले दूसरे मरीजों कि भी आंखें निकालनी पड़ सकती है। मेडिकल प्रोटोकॉल के हिसाब से एक डॉक्टर केवल 12 सर्जरी कर सकता है किंतु इस केस मे 65 मरीजों कि सर्जरी हुई है। आयोग ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव से विस्तार मे जानकारी मांगी है।
जानकारी के अनुसार 22 नवंबर को आई हॉस्पितल में मुजफ्फरपुर सहित नज़दीकी जिले से आए मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने के तीन दिन पश्चात उनकी आंखों में दिक्कत होनी शुरु हो गई। अस्पताल प्रबंधन से शिकायत करने पर प्रबंधन ने जल्दबाज़ी में चार लोगों की आंखे निकाल दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को इस मामले कि जानकारी मांगने पर ऑपस्ताल प्रशासन घबराने लगा। साथ ही सीएस डॉ. विनय कुमार शर्मा टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह सहित कई अन्य आला अधिकारियों के फोन करने के बाद हॉस्पिटल पहुंचे।



