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उत्तराखंड में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के आवेदकों की बनी चरखी, भटक रहे दफ्तर-दफ्तर…जानिए पूरी वजह
उत्तराखंड राज्य में PM Suryaghar Yojana को लेकर लोगों में उत्साह देखने लायक है, हर कोई व्यक्ति इस योजना से लाभान्वित होना चाहता है, लेकिन वर्तमान समय में उत्तराखंड के उपभोक्ता सब्सिडी को लेकर परेशान हैं। उत्तराखंड में घरों पर सोलर प्लांट लगाने के लिए ऊर्जा निगम को नोडल नामित किया गया है, वहीं केंद्र से मिलने वाली सब्सिडी तो जल्दी मिल जाती है लेकिन राज्य सरकार की सब्सिडी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे करें आवेदन
उत्तराखंड ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता आशीष अरोड़ा ने इस योजना पर अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए सर्वप्रथम उपभोक्ता राष्ट्रीय पोर्टल पर उपलब्ध लिंक pmsuryaghar.gov.in के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करना होगा जिसके बाद आप पोर्टल पर योजना से संबंधित समस्त जानकारी से अपना आवेदन कर सकते हैं। वहीं साथ ही केंद्र सरकार द्वारा उपभोक्ता सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए पीएम सूर्य घर एप भी लांच किया गया है। राज्य में बहुत अधिक संख्या में आवेदनों की प्राप्ति हो रही है और राज्य में 400 से अधिक वेंडर्स के जरिए प्लांट्स को स्थापित किया जा रहा है।उत्तराखंड में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के आवेदकों की बनी चरखी
उत्तराखंड राज्य में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना को लेकर विद्युत भार प्लांट का वितरण उत्तराखंड विद्युत विभाज द्वारा किया जा रहा है, जिसके लिए विद्युत विभाज द्वारा दस्तावेजों की जांच और फिजिबिलिटी जांचने के बाद वांछित विद्युत भार का प्लांट स्थापित किया जा रहा है लिहाजा, अलग-अलग भार वाले प्लांट का भुगतान भी अलग-अलग है। वहीं राज्य में इस योजना पर दी जाने वाली सब्सिडी के लिए भी उरेडा जिम्मेदार है, लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार उरेडा को शासन की ओर से पर्याप्त पैसा नहीं मिल पा रहा है। चूंकी आवेदनों की तुलना में आधी ही धनराशि प्राप्त हो रही है लिहाजा, उपभोक्ताओं को कई माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। वैसे तो केंद्र से प्राप्त होनें वाली सब्सिडी प्लांट लगने के एक से दो सप्ताह के भीतर प्राप्त हो जाती है, लेकिन उत्तराखंड सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी का कई महीनों तक कोई अता-पता नहीं है और इसे लेकर संबंधित एजेंसी उरेडा भी बगलें झांक रहा है।किस प्लांट पर है कितनी सब्सिडी
एक किलोवाट सिस्टम के लिए 50 हजार रुपये (केंद्रांश 33 हजार, राज्यांश 17 हजार) दो किलोवाट सिस्टम के लिए एक लाख रुपये (केंद्रांश 66 हजार, राज्यांश 34 हजार) तीन किलोवाट व इससे अधिक सिस्टम के लिए एक लाख 36 हजार 800 रुपये (केंद्रांश 85800 हजार, राज्यांश 51 हजार) अब तक जारी सब्सिडी की धनराशि, 133.28 करोड़ सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या, 16338 प्रदेश में कुल वेंडर की संख्या, 465लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)




