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उत्तराखंड में बढ़ेगा बिजली उत्पादन, इन चिह्नित जिलों में बनेगें 28 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट
उत्तराखंड 2164 मेगावाट के 22 बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपनी लड़ाई लड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही उत्तराखंड सरकार ने राज्य में 28 नए स्मॉल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है जिसके लिए पूर्व में जिन कंपनीयों को टैंडर दिए गए थे उन्हें फिर से 261 मेगावाट के 14 प्रोजेक्ट नए सिरे से आवंटित किए जा चुके हैं।

उत्तराखंड राज्य में बिजली उत्पादन की योजनाएं अपनी रफ्तार पकड़ती नजर आ रही हैं राज्य सरकार द्वारा इसके लिए महत्वूर्ण कदम भी उठाए जा चुके हैं। दरअसल प्रदेश में स्मॉल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का निर्माण 2010 से रुका हुआ था उस समय की तत्कालीन प्रदेश सरकार ने प्रदेश में नए स्मॉल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का आवंटन किया था जिसके बाद इस योजना पर कई सवाल भी उठे और कई विवादों ने भी जन्म लिया लिहाजा मामले की एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई। जिसके बाद परियोजना को लेकर विवाद तूल पकड़ता गया और सरकार को यह आवंटित परियोजना को निरस्त करना पड़ा, और गत 15 सालों में किसी का साहस न हो सका कि इन आवंटित परियोजनाओं को पुन: प्रकाश में लाया जाए और स्मॉल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का साहस दिखाया जाए।
15 सालों के बाद वर्ष 2025 में प्रदेश की क्रियान्वत धामी सरकार ने इन परियोजनाओं पर से धूल हटाते हुए मामले को एकबार फिर संज्ञान में लिया, और सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पूर्व ही राज्य में 261 मेगावाट के 14 प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी जिसमें आठ तो वे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट हैं जिनका आवंटन कंपनीयों को पहले ही दिया जा चुका था लेकिन किन्ही कारणों से कार्य शुरु नहीं हो पाया था। अब पुन: पूर्व में आवंटन वाली उन्ही कंपनीयों को बिना किसी जुर्माने के दोबारा काम शुरू करने का अवसर दिया गया है, साथ ही शेष छह प्रोजेक्ट नए सिरे से आवंटित किए गए हैं। हांलांकि सुप्रीम कोर्ट में अभी भी 2164 मेगावाट के 22 बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट का मामला लंबित चल रहा है जिसके लिए प्रदेश सरकार अभी भी लड़ाई लड़ रही है।