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इतिहास के पन्नों में क्यों है खास आज का दिन, यानि 1 नवंबर 

1 नवंबर का दिन भारतीय इतिहास और विश्व इतिहास दोनों के लिहाज से बेहद खास माना जाता है। इस दिन कई ऐसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए जिन्होंने इतिहास की दिशा और दशा दोनों बदल दीं।

1 नवंबर का दिन भारतीय इतिहास और विश्व इतिहास दोनों के लिहाज से बेहद खास माना जाता है। इस दिन कई ऐसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए जिन्होंने इतिहास की दिशा और दशा दोनों बदल दीं। … तो आइए जानते हैं, आखिर क्यों यादगार है आज का दिन।

भारत में राज्य पुनर्गठन दिवस

  1956 में इसी दिन भारत में राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू हुआ था। इस अधिनियम के तहत राज्यों की सीमाएं भाषा के आधार पर तय की गईं, और कई नए राज्य अस्तित्व में आए। इसलिए 1 नवंबर को “राज्य पुनर्गठन दिवस” के रूप में मनाया जाता है। इस दिन कई राज्यों का गठन हुआ, जिनमें मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक, पंजाब और आंध्र प्रदेश प्रमुख हैं। इन राज्यों में आज भी 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस मनाया जाता है।

हरियाणा राज्य का गठन

1 नवंबर 1966 को हरियाणा राज्य का गठन हुआ। यह पंजाब से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बना, इसी के साथ चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया, जो आज भी पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी है।

छत्तीसगढ़ का गठन – वर्ष (2000)

इस दिन छत्तीसगढ़ ने मध्य प्रदेश से अलग होकर अपनी पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ भारत का 26वां राज्य है, और अपनी संस्कृति, लोककला व खनिज संपदा के लिए जाना जाता है।

केरल का गठन

1 नवंबर 1956 को त्रावणकोर-कोचीन और मलाबार को मिलाकर नया राज्य केरल बनाया गया। इसलिए यह दिन केरल में “केरल पिरवी दिवस” के रूप में मनाया जाता है।

अब एक नजर विश्व की अन्य प्रमुख घटनाएओं पर –

  1512 — माइकलएंजेलो की विश्वप्रसिद्ध सीस्टिन चैपल की पेंटिंग पहली बार रोम में प्रदर्शित की गई। 1877  — प्रसिद्ध आविष्कारक अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन सेवा शुरू करने के लिए “बेल टेलीफोन कंपनी” की स्थापना की। 1993 — यूरोपीय संघ आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आया, जिसने यूरोप की राजनीति और अर्थव्यवस्था को नया आयाम दिया। 1 नवंबर हमें याद दिलाता है कि विविध भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद भारत एकजुट है। यही दिन देश की संघीय एकता, प्रशासनिक सुधार और संवैधानिक व्यवस्था के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इसलिए 1 नवंबर का दिन इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। एकता, पुनर्गठन और नई शुरुआत का प्रतीक बनकर।    
सिमरन बिंजोला
     

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