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“विश्वकर्मा योजना” : ग्रामीण एवं शहरी भारत के 18 पारंपरिक व्यवसायों को दिया जाएगा नया जीवन: रेखा आर्या

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने कहा था कि राजनीतिक लोकतंत्र के आधार में अगर सामाजिक लोकतंत्र नहीं होगा तो यह टिक नहीं सकता।उन्होंने कहा कि समावेश के साथ सामाजिक न्याय हमारे संविधान की प्रमुख विशेषता है और सरकार का फोकस भी गरीबों और पिछड़ों पर है। आज प्रधानमंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न रोकथाम कानून को उपयुक्त संशोधनों के जरिए मजबूत बनाया है जो गरीबों के प्रति उनकी दूरदर्शिता को दर्शाता है.
आज प्रधानमंत्री द्वारा गरीब कल्याण हेतु “प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना” शुरु की गई जिसके लाभ निश्चित रूप से गरीब तबके को होगा।”विश्वकर्मा योजना” के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी भारत के 18 पारंपरिक व्यवसायों को नया जीवन दिया जाएगा। इनमें कुम्हार, बढ़ई, लोहार, सुनार, दर्जी, मोची, नाई, मूर्तिकार आदि के साथ नाव बनाने वाले कारीगर भी शामिल हैं!
ये वे उद्यम हैं जो एक विशेष तरह के हुनर और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित हैं और गरीबों, दलितों व वंचितों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है।आजादी के बाद भी जिन गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा प्राप्त नहीं था और यहां के लोगों को वोट देने का भी अधिकार नहीं था, उन्हें हमारी सरकार ने यह अधिकार प्रदान किया।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अंजली जोशी,जिलामंत्री वंदना आर्या, मंडल महामंत्री जीवन लाल शाह, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपाल मेहरा सहित समस्त कार्यकर्ता मातृशक्ति जनता उपस्थित रही।



