Akilesh Yadav : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर फिर से गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर विपक्षी दलों, खासकर सपा के वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची जा रही है। अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जहां सपा जीती थी, वहां हर सीट से करीब 50 हजार वोट काटने की तैयारी है। उन्होंने यह दावा किया कि सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
https://youtube.com/shorts/bVcVlQpT4Os?feature=shareAkilesh Yadav
मतदाता सूची में हेरफेर की साजिश
अखिलेश यादव ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष के वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है। लेकिन इस बार यह सब बहुत सोच-समझकर और संगठित तरीके से हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से 2024 में सपा की जीती सीटों पर 50 हजार वोट काटे जाने की योजना है। हम पूरी तरह सतर्क हैं और ऐसी साजिश कामयाब नहीं होने देंगे।’ उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यही रणनीति पश्चिम बंगाल जैसे अन्य राज्यों में भी अपनाई जा सकती है। सपा प्रमुख के अनुसार, SIR प्रक्रिया के बहाने गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वोटरों को टारगेट किया जा रहा है, जो ज्यादातर सपा को वोट देते हैं।
SIR
SIR की समयसीमा बढ़ाने की मांग
अखिलेश ने चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव दूर हैं, इसलिए जल्दबाजी में वोट हटाने से लोकतंत्र को खतरा है। सभी राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की अच्छी तरह जांच करने का मौका मिलना चाहिए। साथ ही, आयोग को एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करनी चाहिए, जिसमें साफ-साफ बताया जाए कि सूची में बदलाव कैसे किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता आएगी और गड़बड़ी रोकी जा सकेगी।
election commission of india
सपा कार्यकर्ता बूथ स्तर पर लगातार मतदाता सूची की समीक्षा कर रहे हैं। अखिलेश ने बताया कि पार्टी ने जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में विशेष टीमें बनाई हैं। ये टीमें हर बूथ पर नामों की जांच कर रही हैं। अगर किसी सपा समर्थक का नाम गायब मिलता है, तो तुरंत आपत्ति दर्ज की जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में सपा वोटरों को नुकसान न होने दें। अखिलेश ने कहा, ‘हम समाजवादी लोग इस साजिश को पूरा नहीं होने देंगे। लोकतंत्र बचाने के लिए हम हर कदम उठाएंगे।’