उत्तराखंडखेलराष्ट्रीय खेल 2025
रजत पदक पर नीरज जोशी ने ठोकी विजय कील, उत्तराखंड के खेमे में अबतक कितने पदक
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र से आने वाले एक और माटी के लाल ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में अपनी धाक जमाई है, सरकार द्वारा क्रियान्वित नीतियों से प्रेरित होकर नीरज ने वूशु प्रतियोगिता में भाग लेकर उत्तराखंड के खेमे में एक और रजत पदक डाल दिया है। नीरज मानते हैं कि सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का एक मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

38वें राष्ट्रिय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का अद्वितिय साहस और खेल कौशल पूरा विश्व देख रहा है, जिसके कारण प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवी को कुछ इस प्रकार प्रकाशित किया है कि अब हर कोई उत्तराखंड के साहस, क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर खेल कौशल का लोहा मान रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में हल्द्वानी के निवासी नीरज जोशी ने उत्तराखंड का मस्तक और ऊंचा कर दिया है, हल्द्वानी निवासी नीरज जोशी ने राष्ट्रिय खेलों के तहत आयोजित वुशु प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। नीरज जोशी एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं उनके पिता राजेश बल्लभ जोशी एक किसान हैं जो अपने परिवार का भरण-पोषण खेती से किया करते हैं। लिहाजा नीरज सीमित संसाधनों में ही वुशु में अपना भविष्य बनाने के लिए बीते आठ वर्षों से राजधानी देहरादून में कड़ी मेहनत से प्रशिक्षण ले रहे हैं। नीरज का यह सफर काफी कठिनाई पूर्ण रहा कभी नीरज को आर्थिक परीस्थितियों ने मात देनी चाही तो कभी चोटिल होने से उनका खेल करियर संकट में पड़ गया, वर्ष 2022 में जब नीरज के पैर की हड्डी टूटी तो उन्हे खेल से दूर होनें का विचार आया लेकिन परिवार का समर्थन और कोच साहब का मार्गदर्शन मानों नीरज के खेल करीयर को एक नया जीवन प्रदान किया और वर्ष 2023 में उन्होंने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपने खेल में सुधार किया, लेकिन गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेल में खेल सुविधाओं की कमी के कारण वे केवल पांचवें स्थान पर रहे, जिससे वह निराश हो गए।