राष्ट्रीयतकनीकीराजनीति

भारतीय वायु सेना में शामिल हुआ  ‘प्रचंड’

देश में निर्मित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर देश में ही निर्मित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’  का पहला बेडा भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया है। दो इंजन वाले इस हेलीकॉप्टर को औपचारिक रूप से जोधपुर वायु सेना स्टेशन स्थित 143 हेलीकॉप्टर यूनिट ‘धनुष’ में शामिल किया गया है।   तो आईए जानते है ‘प्रचंड’ की विशेषताए    
  1. इस हल्के  का डिज़ाइन और विकास देश में ही किया गया है. इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने किया है। और इस हेलीकॉप्टर में करीब 45 फीसदी स्वदेशी सामान का इस्तेमाल हुआ है।जिसके भविष्य में 55 फ़ीसदी तक पहुँच जाने की उम्मीद है.
 
  1. एलसीएच को दुनिया की सबसे अच्छी लड़ाकू उड़ान मशीनों में से एक माना जा रहा है. एलसीएच दुनिया का एकमात्र अटैक हेलीकॉप्टर है।जो भारतीय सशस्त्र बलों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने वाले हथियार भार और ईंधन के साथ 5000 मीटर (की ऊंचाई पर उतर और टेक-ऑफ कर सकता है।
 
  1. मार्च 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने एलसीएच के 15 लिमिटेड सीरीज़ प्रोडक्शन वेरिएंट की खरीद को मंजूरी दी, जिसमें 3,887 करोड़ रुपये की लागत के साथ-साथ 377 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे को मंजूरी दी गई।15 हेलीकॉप्टरों में 10 भारतीय वायुसेना के लिए और पांच सेना के लिए हैं।
   
  1. एचएएल के मुताबिक एलसीएच बनाने की स्वदेशीकरण की प्रक्रिया में शामिल 70 विक्रेताओं के अलावा, उप-प्रणालियों और घटकों के उत्पादन में 250 से ज़्यादा विक्रेता शामिल हैं।
    5. भारतीय वायु सेना को 31 मार्च 2023 तक छह और एलसीएच सौंप दिए जाएंगे.       6.  ये हेलीकॉप्टर तेज, गतिशीलता, विस्तारित रेंज, ऊंचाई पर प्रदर्शन और चौबीसों घंटे, कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू, दुश्मन वायु रक्षा के विनाश, और आतंकवाद विरोधी अभियानों में भूमिका निभाने के लिए हर मौसम में मुकाबला करने की क्षमता से लैस हैं। तो माना जा रहा है कि ये हेलिकॉप्टर जंगल और शहरी वातावरण में काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन और जमीनी बलों को समर्थन देने के लिए एक शक्तिशाली मंच होगा।      

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button