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Kargil Vijay Diwas:‘ये दिल मांगे मोर’ किसने कहा था ? याद है…जाने पूरी जानकारी

विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को पालमपुर मे हुआ। उनहोने भारतीय सेना में अपना सफर 6 दिसंबर 1997 से शुरु किया। दो साल बाद ही 1999 में बत्रा साहब कारगील युद्ध का हिस्सा बने. कारगिल के दौरान उन्हें कोड नेम दिया शेरशाह. जब बत्रा साहब कारगील का युद्ध लड़ रहे थे उस समय वह महज 24 साल के थे। उन्होन अपने दोस्त से यह भी कहा था कि ‘तिरंगा लहराकार आऊंगा या तिंरगे में लिपटकर आऊंगा, लेकिन आऊंगा जरुर।विक्रम बत्रा कि यही बात आज भी दिल को छू जाती है साथ ही ‘ये दिल मांगे मोर’ का नारा आज भी सबके कानों में गूंजता है और हमें शहीदों की याद दिलाता है।



