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चमोली थराली आपदा: एसडीएम ऑफिस के पीछे भारी मलबा, अफरातफरी में अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षित निकाले गए
चमोली थराली में भारी बारिश से मलबा आने से तबाही, युवती की मौत, बुजुर्ग लापता। एसडीएम दफ्तर और बाजार इलाके में अफरातफरी, रेस्क्यू जारी।
चमोली में आपदा से तबाही, राहत शिविर में ठहरे लोग
22 अगस्त की रात चमोली जिले के थराली क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा ने पूरे इलाके को हिला दिया। चेपड़ों बाजार और आस-पास के गांवों में भारी बारिश से गदेरे का जलस्तर बढ़ने के बाद कई घर व दुकानें मलबे में दब गईं। हादसे में एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक बुजुर्ग अब भी लापता हैं। एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। प्रभावित परिवारों को राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में बने राहत शिविर में ठहराया गया है, जहां भोजन, स्वास्थ्य सेवा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में शिविर में 29 लोग रह रहे हैं।एसडीएम ऑफिस के पीछे मलबा आने से मची अफरातफरी
आपदा के तीन दिन बाद सोमवार को भी खतरा बना रहा। थराली तहसील में एसडीएम ऑफिस के पीछे अचानक भारी मलबा आ जाने से अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद कर्मचारी और अधिकारी तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। दफ्तर से जरूरी पत्रावलियों को हटाकर नुकसान से बचाया गया। वहीं, जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि प्रभावित सड़कों को लगभग सुचारु कर लिया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।सीएम धामी ने सुनी पीड़ितों की व्यथा
रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुलसारी हेलिपैड पहुंचे और सीधे राहत शिविर में जाकर आपदा प्रभावितों से मुलाकात की। इस दौरान मृत युवती कविता के पिता नरेंद्र सिंह अपनी व्यथा बताते हुए भावुक हो उठे। सीएम ने पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि जल्द ही मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा।लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)




