उत्तराखंडउत्तराखंड सरकारखनन माफियादेहरादूनबड़ी खबरभाजपा उत्तराखंडमुख्यमंत्री धामीराजनीतिसामाजिक
उत्तराखंड में खनन माफिया बेखौफ, नदियों में धड़ल्ले से जारी अवैध खनन
उत्तराखंड की नदियों में खनन माफिया का खौफ बेखौफ जारी है। दून, पछवादून और डोईवाला क्षेत्रों की नदियों में ट्रक-ट्रैक्टर से रोजाना हो रहा अवैध खनन प्रशासन की कार्रवाइयों को खुली चुनौती दे रहा है।
उत्तराखंड में खनन माफिया बेखौफ
उत्तराखंड में खनन माफिया लगातार नदियों को छलनी कर रहे हैं और प्रशासनिक कार्रवाई का उनमें कोई खौफ नजर नहीं आता। मंगलवार को दून के परवल क्षेत्र में आसन नदी में ट्रैक्टर-ट्राली बहने की घटना इसके ताजा उदाहरणों में से एक है। प्रदेशभर में सौंग, जाखन, टोंस, रिस्पना, बिंदाल, यमुना, आसन और शीतला जैसी नदियों में सुबह-शाम बड़े पैमाने पर ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां उपखनिज से लदी निकलती हैं। कभी-कभार उठाए जाने वाले कदमों और जुर्माने की कार्रवाई से परे खनन माफियाओं पर कोई असर नहीं दिखता। पूर्व में पुलिस-खनन माफिया गठजोड़ के मामले सामने आने के बावजूद यह अवैध कारोबार अब भी पूरे जिले में धड़ल्ले से जारी है, जिससे स्पष्ट है कि खनन माफियाओं का नेटवर्क तंत्र से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुका है।खनन माफिया को संरक्षण, पुलिस-प्रशासन पर उठे सवाल
उत्तराखंड में खनन माफिया खुलेआम नदियों का सीना चीर रहे हैं और कहीं न कहीं उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बड़े स्तर पर संरक्षण भी प्राप्त है। विकासनगर, वसंत विहार, कैंट, सहसपुर, डोईवाला, ऋषिकेश, राजपुर और रायपुर थाना क्षेत्र समेत प्रेमनगर अवैध खनन के हॉटस्पॉट बने हुए हैं। पहले यह धंधा रात के अंधेरे में चोरी-छिपे चलता था, लेकिन अब सुबह से रात तक नदियों में अवैध खनन जारी है। खनन माफियाओं के संरक्षक सफेदपोशों का हाथ भी माना जा रहा है, जो अक्सर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई में आड़े आ जाते हैं। दूसरी ओर, प्रशासन वैध खनन सामग्री लाने वाले ट्रकों की ओवरलोडिंग रोकने में भी नाकाम साबित हो रहा है। दून-पांवटा और दून-हरिद्वार हाईवे समेत अन्य मार्गों पर बेधड़क दौड़ते ओवरलोड ट्रकों पर अंकुश लगाने के लिए लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे और फ्लाइंग स्क्वाड के आदेश केवल फाइलों तक सीमित रह गए हैं। यह हालात साफ करते हैं कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए प्रणाली गंभीरता से काम नहीं कर रही है।पछवादून में खनन माफिया का दबंग राज
उत्तराखंड के पछवादून क्षेत्र में खनन माफिया की दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीम पर कई बार हमले किए जा चुके हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से माफिया बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं। यही नहीं, अधिकारी जब इन पर छापेमारी करते हैं तो माफिया उन्हें धमकाने से लेकर हमला करने तक से पीछे नहीं हटते। विकासनगर में यमुना नदी का एक किनारा उत्तराखंड तो दूसरा हिमाचल प्रदेश में होने के कारण सीमा विवाद का लाभ उठाकर माफिया आसानी से बच निकलते हैं। उत्तराखंड के अधिकारी जब कार्रवाई करते हैं तो खनन माफिया तुरंत हिमाचल की सीमा में शरण ले लेते हैं, जिससे प्रशासनिक प्रयास बेअसर साबित हो रहे हैं।लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)




