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Watermelon Death Case: तरबूज में किसने मिलाई चूहे मारने की दवा? जांच में हुआ बड़ा खुलासा!

Watermelon Death Case: दक्षिण मुंबई के घारी मोहल्ला में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत की गुत्थी में अब बड़ा खुलासा हुआ है। कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में सामने आया है कि मृतकों के शरीर और उनके द्वारा खाए गए तरबूज में ‘जिंक फॉस्फाइड’ पाया गया है। यह केमिकल आमतौर पर चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल होता है।

क्या है पूरा मामला?

यह दर्दनाक घटना 26 अप्रैल की रात की है। अब्दुल डोकाडिया के घर पर एक पारिवारिक मिलन समारोह आयोजित किया गया था, जहां सभी ने चिकन पुलाव खाया था। मेहमानों के जाने के बाद परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया। तरबूज खाने के कुछ ही घंटों बाद अब्दुल, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियां आयशा व जैनब की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। गंभीर उल्टी और दस्त होने पर उन्हें तुरंत जेजे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।

FSL जांच के चौंकाने वाले तथ्य

शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मौत तरबूज खाने से हुई, लेकिन अब एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि जहर तरबूज के बाहरी हिस्से पर नहीं, बल्कि फल के अंदर मौजूद था। लैब ने 11 दिनों के भीतर कुल 54 परीक्षण किए। रिपोर्ट में मृतकों के लिवर, किडनी और पेट के नमूनों के साथ-साथ तरबूज के सैंपल में भी घातक ‘जिंक फॉस्फाइड’ पाए जाने की पुष्टि हुई है। समारोह में आए पांच मेहमानों ने पुलाव तो खाया था, लेकिन उन्होंने तरबूज नहीं खाया। यही वजह रही कि वे पूरी तरह सुरक्षित रहे।

वहीं, इस घटना के बाद दक्षिण मुंबई के पाइधोनी इलाके से तरबूज बाजार से लगभग गायब हो गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम को किसी भी फल विक्रेता के पास तरबूज नहीं मिला।

जांच में उठ रहे बड़े सवाल

तरबूज के अंदर जहर मिलने से मामला अब और उलझ गया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि जहर फल के अंदर कैसे पहुंचा। इसके पीछे कई संभावनाएं जताई जा रही हैं, जैसे:

  • क्या फल विक्रेता ने चूहों से फल बचाने के लिए दुकान में दवा रखी थी, जो किसी तरह फल के अंदर पहुंच गई?
  • क्या घर में रखी चूहे मारने की दवा गलती से तरबूज के संपर्क में आ गई?
  • क्या परिवार के किसी सदस्य या किसी बाहरी व्यक्ति ने जानबूझकर तरबूज में जहर मिलाया?

पुलिस की कार्रवाई

जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन ने फिलहाल ‘आकस्मिक मृत्यु’ का मामला दर्ज किया है। हालांकि, जहर की पुष्टि होने के बाद पुलिस अब फोरेंसिक विशेषज्ञों से सलाह ले रही है और मामले की जांच हत्या या आपराधिक लापरवाही के एंगल से भी कर रही है। पुलिस अब फल विक्रेता से लेकर परिवार के करीबी लोगों तक से दोबारा पूछताछ कर सकती है।

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