HNN Shorts

Katihar Viral Video: सड़े खीरों पर हरा रंग चढ़ाते दिखीं महिलाएं, वीडियो वायरल!

Katihar Viral Video: बिहार के कटिहार जंक्शन रेलवे स्टेशन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आप अगली बार स्टेशन पर फल या सलाद खरीदने से पहले दस बार सोचेंगे। इस वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं प्लेटफॉर्म पर बैठकर सड़े और पीले पड़ चुके खीरों को नकली हरे रंग में रंगती नजर आ रही हैं। आमतौर पर प्लेटफॉर्म पर बिकने वाली ताजी फल-सब्जियां यात्रियों के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं, लेकिन इस वीडियो ने सभी को चौंका दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह वायरल वीडियो इंटरनेट पर @ChapraZila नाम के हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो महिलाएं बाल्टियों के पास बैठी हैं। एक महिला खीरों को धो रही है, जबकि दूसरी उन्हें हरे रंग के किसी केमिकल या घोल में डुबो रही है। बताया जा रहा है कि खीरे असल में सड़े या पीले पड़ चुके थे, जिन्हें बाहर से ताजा दिखाने के लिए ऐसा किया जा रहा था। रंगने के बाद पुराने और खराब दिख रहे खीरे एकदम ताजे और चमकदार हरे नजर आने लगते हैं।

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

वीडियो वायरल होते ही लोगों ने इसे ‘धीमा जहर’ करार दिया है। यूजर्स का कहना है कि चंद रुपयों के लालच में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, ‘अगर हम स्टेशन पर भी सुरक्षित खाना नहीं खा सकते, तो प्रशासन क्या कर रहा है?’ वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इस तरह के सिंथेटिक रंग पेट की बीमारियां और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

रेलवे ने क्या कहा?

मामला बढ़ता देख भारतीय रेलवे की सहायता सेवा RailwaySeva ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। रेलवे ने ट्वीट कर बताया कि संबंधित अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सेहत के लिए कितना खतरनाक?

विशेषज्ञों के अनुसार, सब्जियों को चमकाने या ताजा दिखाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ये केमिकल बेहद जहरीले हो सकते हैं। इनसे न केवल फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है, बल्कि शरीर के अंगों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे स्टेशन पर बहुत ज्यादा चमकदार या गहरे रंग वाले फल-सब्जियां खरीदने से बचें और खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह जरूर धो लें।

Read more:- Operation Sindoor के वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने ने ‘एक्स’ पर चेंज की डीपी

Related Articles

Back to top button