उत्तराखंड
फूड सेफ्टी कनेक्ट एप पर करें मिलावटखोरी से जुड़ी शिकायत
विभाग की ओर से जल्द प्रकाशित की जाएगी खाद्य सुरक्षा की कसौटी पुस्तक

एम्स ऋषिकेश के कम्युनिटी मेडिसीन विभाग से डॉ संतोष ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हम फूड पेंडेमिक के दौर में जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम खाने को दवा की तरह लेना पसंद करेंगे तो हो सकता है कि आने वाले दिनों में दवा लेने की जरूरत न पड़े। उन्होंने कहा कि जब भी हम खानपान की बात करते हैं तो यह हमारी जिम्मेदारी और यह हमें तय करना है कि हमारे शरीर के लिए क्या सही है। उन्होंने कहा कि हम लोग भोजन के बजाए स्वाद को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं और यही स्वाद हम सबको बर्बाद कर रहा है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए जिम नहीं, अच्छी किचन जरूरी है। उचित खानपान के बिना, जिम भी कुछ नही कर सकता। उन्होंने कहा कि नशे की लत की भांति जंक फूड का भी एडिक्शन लोगों में होता जा रहा है, जिसे अभी सब नजरअंदाज कर रहे हैं। इस फूड एडिक्शन के कारण ही आज तमाम लोग हृदयाघात, हाइपरटेंशन, ओबेसिटी जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाने से पहले जरूर सोचें, नहीं तो अनएक्सपेक्टेड के लिए तैयार रहिए।
पीआरएसआई के देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष व सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में उपनिदेशक श्री रवि बिजरानिया ने कहा कि आज सुरक्षित खानपान के बारे में चर्चा बहुत आवश्यक है। इस विषय पर अधिक से अधिक जन जागरूकता फैलाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सही खानपान के लिए सावधानी जरूरी है और हमें बहुत ज्यादा स्वाद के लालच से भी बचना होगा। लोगों को फूड सेफ्टी पर जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग किया जा सकता है।
इस अवसर पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के उपायुक्त श्री गणेश चंद्र कंडवाल ने बताया कि विभाग की ओर से बहुत जल्द खाद्य सुरक्षा की कसौटी नामक पुस्तक का प्रकाशन किया जाने वाला है जिसमें खाद्य सुरक्षा से जुड़ी तमाम जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने इस दौरान आसान तरीकों से घर में मिलावट की जांच के लिए किए जाने वाली विधि सहित मिलावट की शिकायत के लिए एफएसएसएआई की ओर से बनाई गई फूड सेफ्टी एप के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी शिकायत फूड सेफ्टी कनेक्ट एप पर दर्ज की जा सकती है। वरिष्ठ पत्रकार सुश्री ज्योत्स्ना ने कहा कि फूड सेफ्टी की जन जागरूकता के लिए महिलाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लोग स्वस्थ भोजन के प्रति जागरूक भी हो रहे हैं, इसलिए आज मिलेट की बात की जा रही है।
वरिष्ठ पत्रकार गजेंद्र नेगी ने भी खाद्य सुरक्षा को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमें संतुलित जीवन अपनाना होगा। पोषक भोजन भी स्वादिष्ट होता है। फूड हैबिट पर ध्यान देना होगा। फूड सेफ्टी विभाग के ढांचे को आज की परिस्थितियों के अनुरूप मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। विभाग के खाली पदों को भरने के साथ ही पदों की संख्या को दोगुना किया जाना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूरी ने कहा कि फूड सेफ्टी से संबंधित कानून को और अधिक सख्त किया जाना चाहिए। आम लोगों को ये जानकारी होनी चाहिए कि किन साधारण तरीकों से घर पर ही खाने पीने की चीजों में मिलावट की जांच की जा सकती है।
इस अवसर पर होटल एसोसिएशन की ओर से अनिल मारवाह, पीएसआरआई से अनिल सती, सुरेश भट्ट, संजय पांडे, आकाश, वैभव गोयल, मनोज सती, एफडीए से एडिशनल ड्रग कंट्रोलर डॉ सुधीर कुमार, नीरज कुमार, मनीष सयाना, पीसी जोशी, संजय तिवारी, रमेश सिंह, आदि उपस्थित रहे।



